केन्द्रीय विद्यालय एन.एफ.आर. लुमडिंग
प्रतिवेदन
पुस्तकोपहार (पुस्तक दान अभियान)
दिनांक: 27 मार्च 2026 एवं 16 अप्रैल 2026
(अभियान की सफलता को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम दो दिनों तक आयोजित किया गया।)
परिचय
केन्द्रीय विद्यालय एन.एफ.आर. लुमडिंग द्वारा दिनांक 27 मार्च 2026 एवं 16 अप्रैल 2026 को विद्यालय पुस्तकालय में “पुस्तकोपहार” नामक छात्र-नेतृत्व पुस्तक दान अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना, संसाधनों के साझा उपयोग की भावना विकसित करना तथा पुस्तकालय को समृद्ध बनाना था।
विद्यालय के प्राचार्य श्री सुरेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में श्री अमृत कुमार सुमन (पुस्तकालयाध्यक्ष) द्वारा आयोजित इस अभियान ने विद्यार्थियों में उदारता, सहयोग तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम का विवरण
दिनांक: 27 मार्च 2026 एवं 16 अप्रैल 2026
स्थान: विद्यालय पुस्तकालय, केन्द्रीय विद्यालय एन.एफ.आर. लामडिंग
आयोजक: श्री अमृत कुमार सुमन (पुस्तकालयाध्यक्ष)
प्रतिभागी: कक्षा I से III एवं IX से XII तक के विद्यार्थी
कार्यक्रम की कार्यवाही
1. उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारम्भ पुस्तकालयाध्यक्ष श्री अमृत कुमार सुमन के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने पुस्तकों के महत्व तथा ज्ञान साझा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विद्यालय के प्राचार्य श्री सुरेन्द्र कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
2. पुस्तक दान प्रक्रिया
विद्यार्थियों ने पाठ्यपुस्तकों, कहानी-पुस्तकों, संदर्भ पुस्तकों, विश्वकोशों, प्रेरणादायक जीवनियों तथा अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकों का दान किया। पुस्तकालय को “पुस्तकें ज्ञान का सेतु हैं” विषयक आकर्षक पोस्टरों से सजाया गया।
3. पुस्तकों का वर्गीकरण एवं प्रदर्शन
पुस्तकालयाध्यक्ष एवं छात्र स्वयंसेवकों ने प्राप्त पुस्तकों को विषय एवं आयु वर्ग के अनुसार वर्गीकृत किया। दान की गई पुस्तकों के प्रदर्शन हेतु पुस्तकालय में एक विशेष “पुस्तकोपहार कॉर्नर” स्थापित किया गया।
4. संवादात्मक गतिविधियाँ
कार्यक्रम के दौरान कहानी वाचन एवं पुस्तक पठन सत्र आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करने हेतु प्रेरित किया गया।
उपलब्धियाँ एवं प्रभाव
- विद्यार्थियों द्वारा 140 से अधिक पुस्तकों का दान किया गया।
- पुस्तकालय संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
- विभिन्न विषयों एवं विधाओं की पुस्तकें प्राप्त हुईं, जिनमें शैक्षणिक पुस्तकें, साहित्य, विज्ञान कथा, प्रेरणादायक एवं स्व-विकास संबंधी पुस्तकें शामिल थीं।
- नव प्राप्त पुस्तकों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु पुस्तकालय द्वारा मासिक पठन चुनौतियाँ आयोजित करने की योजना बनाई गई।
- योगदानकर्ताओं को सम्मानित करने हेतु “स्टूडेंट डोनर वॉल ऑफ फेम” स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया।
आभार
विद्यालय पुस्तकालय समिति निम्नलिखित व्यक्तियों एवं समूहों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करती है—
- विद्यालय के प्राचार्य श्री सुरेन्द्र कुमार उत्कृष्ट मार्गदर्शन एवं समन्वय हेतु।
- सभी विद्यार्थियों, जिन्होंने उत्साहपूर्वक पुस्तकें दान कीं।
- विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षकों को उनके सतत सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए।
प्रतिभागियों के विचार
प्राचार्य महोदय:"पुस्तकोपहार सेवा एवं सहयोग की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। विद्यार्थियों को साक्षरता एवं संवेदनशीलता के इस अभियान का नेतृत्व करते देख मुझे गर्व का अनुभव होता है।"
श्री अमृत कुमार सुमन (पुस्तकालयाध्यक्ष):
"दान की गई प्रत्येक पुस्तक उज्ज्वल भविष्य के लिए बोया गया एक बीज है। यह अभियान हमारे विद्यार्थियों की सामूहिक प्रगति एवं ज्ञान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
विद्यार्थी दाता (कक्षा ग्यारहवी -(ब ) अनन्या दास एवं कक्षा छठवी ( ब ) – राजदीप ):
"अपनी प्रिय पुस्तकों का दान करना ऐसा लगा मानो किसी अमूल्य धरोहर को आगे बढ़ा रहे हों। हमें आशा है कि ये पुस्तकें अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेंगी।"
निष्कर्ष
केन्द्रीय विद्यालय एन.एफ.आर. लुमडिंग में आयोजित पुस्तकोपहार पुस्तक दान अभियान अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक रहा। इस कार्यक्रम ने न केवल पुस्तकालय के संसाधनों को समृद्ध किया, बल्कि विद्यार्थियों में साझेदारी, सहयोग एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का भी विकास किया।
विद्यालय भविष्य में भी इस कार्यक्रम को नियमित रूप से आयोजित कर विद्यार्थियों में आजीवन पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
“एक पुस्तक ऐसा उपहार है जिसे बार-बार खोला जा सकता है।”
— गैरीसन कीलर
प्रस्तुतकर्ता:
पुस्तकालय समिति
केन्द्रीय विद्यालय एन.एफ.आर. लामडिंग
प्रेषित:
प्राचार्य महोदय
केन्द्रीय विद्यालय एन.एफ.आर. लामडिंग
(अमृत कुमार सुमन)
पुस्तकालयाध्यक्ष
धन्यवाद


